अधूरी मोहब्बत: दो दुनिया - भाग 1

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चाय की एक मशहूर दुकान के सामने, शहर की व्यस्त सड़क पर गाड़ियों का शोर अपने चरम पर था। वहाँ खड़ी एक सफेद सेडान कार के बोनट से पीठ टिकाए कबीर खड़ा था। उसकी सादी सूती शर्ट की आस्तीनें कोहनी तक मुड़ी हुई थीं। चेहरे पर वही चिर-परिचित शांत और बेपरवाह सा भाव था। उसके आस-पास दोस्तों का पूरा झुंड आबाद था, जो किसी पुरानी बात पर ज़ोरदार ठहाके लगा रहा था।उसी भीड़ के एक कोने में पल्लवी खड़ी थी। हवा की एक लहर उसकी घुंघराली लटों को उड़ाकर उसके चेहरे पर डाल रही थी, लेकिन उसका ध्यान इस ओर