नामुमकिन इश्क एपिसोड 8कॉलेज की छुट्टी की घंटी बज चुकी थी। कैंपस में छात्रों की भीड़ धीरे-धीरे मुख्य गेट की ओर बढ़ रही थी।आयत अपनी नई दोस्त रीवा के साथ बातें करते हुए बाहर निकल रही थी।रीवा मुस्कुराकर बोली,"तो... अब लखनऊ कैसा लग रहा है?"आयत भी मुस्कुरा दी।"शुरुआत में लगा था कि यहाँ एडजस्ट करना मुश्किल होगा... लेकिन अब थोड़ा-थोड़ा अच्छा लगने लगा है।""और कॉलेज?""कॉलेज भी अच्छा है। बस... अभी सब नए हैं।"दोनों हँसते हुए आगे बढ़ ही रही थीं कि अचानक उनके सामने रोहन मेहरा आकर खड़ा हो गया।उसके साथ समर भी था।रोहन ने मुस्कुराते हुए कहा,"हैलो, मिस आयत