पांच वादों की दुल्हन - भाग 2

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---*नॉवेल: "पांच वादों की दुल्हन"* *Chapter 2: पांच महल, एक दुल्हन ~ 900 शब्द*शादी के फेरे खत्म हुए तो रात के 12 बज गए थे।  ठाकुरगढ़ का महल 100 कमरों का। सोने की नक्काशी, झूमर, पर आराध्या को ये महल कब्रिस्तान लग रहा था।पंडित जी बोले: "अब कन्या को सुहाग कक्ष में ले जाओ।"विक्रम हंसा: "कौन से कमरे में? हमारे तो 5 हैं।"पूरा हॉल सन्न।ठाकुर रणवीर: "हफ्ते के हिसाब से। सोमवार विक्रम, मंगल अर्जुन, बुध देव, गुरु करण, शुक्र रुद्र। शनिवार-रविवार... जैसी मर्जी।"आराध्या ने सर झुका लिया। अंदर से घृणा, बाहर मुस्कान।---*पहला कमरा - विक्रम का - "आग"*लाल रंग। शराब की बोतल।