किघकन्या - 4

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कुछ दिन बाद कुछ लकड़हारे उसी घाटी में लकड़ियाँ काटने गए। वहाँ उनकी नजर जमीन से निकले हुए हाथ पर ग‌ई, हाथ में हड्डियां थीं ... मांस लगभग गल चुका था । यह खौफनाक दृश्य देखकर वे लकड़हारे डर गए , उनमें से एक जल्दी से भागकर गाँव में पहूँचा और गाँव वालों को जमा किया। सारा किस्सा सुनकर तुरंत गाँव वाले उसके साथ उस जगह पर चले आये। खड्डा खोदने पर रोहिणी की लाश मिल गई ... सिर्फ कंकाल बचा था। कंकाल पर जो गहने थे, उन्हें देखकर पता चल रहा था कि यह लाश किसी औरत की है।