नामुमकिन इश्क - एपिसोड 5

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एपिसोड 5नई सुबह... नई हलचलअगली सुबह लखनऊ का आसमान हल्की सुनहरी धूप से जगमगा रहा था। शहर की सड़कों पर रोज़ की तरह चहल-पहल शुरू हो चुकी थी। कुछ ही देर में किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज का विशाल कैंपस भी छात्रों की भीड़ से भर गया।उसी समय कॉलेज के मुख्य गेट से अर्जुन वशिष्ठ अपने दो दोस्तों के साथ अंदर दाखिल हुआ। सफेद शर्ट के ऊपर काली जैकेट, गले में रुद्राक्ष की माला, हाथ में लाल कलेवा और चेहरे पर हमेशा की तरह बेफिक्र मुस्कान।उसे देखते ही कई छात्रों ने आवाज़ लगाई—"अर्जुन भाई... गुड मॉर्निंग!"अर्जुन मुस्कुराया।"गुड मॉर्निंग... पढ़ाई पर ध्यान