नामुमकिन इश्क - एपिसोड 2

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एपिसोड 2: पहली टक्करसुबह के लगभग नौ बजे थे।लखनऊ की सड़कें रोज़ की तरह चहल-पहल से भरी हुई थीं। कोई अपने दफ़्तर जा रहा था, कोई दुकान खोल रहा था, तो कोई कॉलेज की ओर भाग रहा था।उधर अर्जुन वशिष्ठ अपनी काली बाइक पर तेज़ रफ़्तार से मेडिकल कॉलेज की ओर बढ़ रहा था। गले में रुद्राक्ष की माला, दाहिने हाथ में लाल कलेवा, हल्की दाढ़ी और चेहरे पर वही बेपरवाह अंदाज़।कॉलेज के गेट पर पहुँचते ही कई छात्रों की नज़र उस पर पड़ी।"भाई... अर्जुन आ गया।""आज फिर किसी की शामत आने वाली है।"कुछ लड़कियाँ मुस्कुराकर उसे देखने लगीं, लेकिन