बरसात के बाद की सुबह थी। गाँव की पगडंडियाँ भीगी हुई थीं, खेतों से मिट्टी की खुशबू आ रही थी, और दूर मंदिर की घंटियाँ वातावरण को और भी शांत बना रही थीं।उसी गाँव में रहता था तेजस, एक सीधा-सादा, मेहनती किसान का बेटा।उसे शहर की चमक-दमक नहीं, बल्कि अपने गाँव की सादगी से प्यार था।गाँव में कुछ ही दिन पहले अपने ननिहाल आई थी ग्रेस। शहर में पली-बढ़ी ग्रेस पहली बार इतने दिनों के लिए गाँव आई थी। शुरुआत में उसे लगा कि यहाँ करने के लिए कुछ नहीं होगा, लेकिन धीरे-धीरे उसे गाँव की हवा, खेत, तालाब और