Mafia King - 8

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उधर, रणविजय का गुस्सा दिन-ब-दिन और ज्यादा बढ़ता जा रहा था। सात महीने, आठ महीने, नौ महीने बीत चुके थे, लेकिन उसका पूरा नेटवर्क नाकाम साबित हो रहा था। अंकिता का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। जिस लड़की को उसने एक हफ्ते में अपना गुलाम बनाने की कोशिश की थी, आज वही उसके हाथ से रेत की तरह फिसल गई थी। उसका पारा हर दिन और हाई होता जाता। वो दफ्तर के उस कमरे में घंटों बैठा रहता, जहाँ उसने अंकिता को कैद रखा था। वह स्क्रीन पर वही पुरानी वीडियो देखता रहता और गुस्से में कांच के