तेरी मेरी खामोशियां। - 17

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रात के उस हादसे के बाद, जब अमन ने नायरा को बेड पर बिठाकर पट्टी बांधी थी, कमरे में फिर से वही भारी सन्नाटा पसर गया था। अमन अपने किए पर अंदर ही अंदर झल्ला रहा था। उसे लगा कि वह कमज़ोर पड़ रहा है, और यही बात उसे परेशान कर रही थी। वह बिना कुछ और बोले वापस सोफे पर जाकर लेट गया और पूरी रात उसकी पीठ नायरा की तरफ रही।सुबह की पहली किरण के साथ ही अमन अपनी आदत के मुताबिक उठ गया। रात की वह हल्की सी नर्मी अब उसके चेहरे से पूरी तरह गायब थी।