Muhabbat Ek Sabaq - 13

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कुछ नही हटो साइड में और मुझे जाने दो" !!! वह उसे साइड को धकेलती जाने लगी। "मैंने कहा ना चेंज करो फिर जाना वहां" !!! अनस ने ज़बरदस्ती उसका हाथ पकड़ कर रोक लिया था। "यह कुछ ज़्यादा ही हो रहा है अब" !!  वह गुस्से से अपना हाथ छुड़ाते हुए बोली। "ज़्यादा है या कम है , मैंने कह दिया ना तुम वहां ऐसे नही जाओगी बस " !!! इस बार उसने बहुत सख्ती से कहा तो शिफ़ा को भी ताव आ गया। "देखती हूं आज कैसे नही जाने देते तुम मुझे ऐसे ही वहां" !!! वह अंगारे बरसाती निगाहों से उसे देखती एक झटके से अपना