वह गार्ड उस आदमी को वो कांच की बोतल पकड़बाते हुए बोला... "ये साला तो मुंह ही नहीं खोल रहा.."उसकी बात सुन किंग की तरह बैठा वह शख्स.. एक एविल स्माइल से मुस्कुराता है ..जो कोई और नहीं.. वेदांश राठौर था। और उसी के साथ थे अनव , और अकाश... उसके पास वाले काउच पर बैठे थे।वह काउच देखने में ही एक लग्जरी ब्रांड के लग रहे थे। सामने एक कांच की टेबल रखी थी.. जिस पर कुछ महंगे मगर खतरनाक हथियार थे ।अकाश उस आदमी को देखकर एक तिरछी मुस्कुराहट देता है.. जिसमे सिर्फ एक डेविल नजर आ रहा