तीनों एकदम वहीं ठिठक गए।वह कोई गाना नहीं था… बस एक धुन थी।कोई शब्द नहीं, फिर भी वह बहुत गहराई तक महसूस हो रही थी। उसमें एक अजीब-सा दर्द था, ऐसा जैसे वह बहुत पुराना हो और कहीं लंबे समय से दबा हुआ हो।मेहर ने घबराकर अवंतिका का हाथ कसकर पकड़ लिया।चोटू दो कदम पीछे हट गया, उसका चेहरा डर से सफेद पड़ चुका था।लेकिन अवंतिका वहीं खड़ी रही।उसे वहाँ से तुरंत निकल जाना चाहिए था, लेकिन उसके पैर जैसे जमीन से चिपक गए थे।उस धुन में कुछ ऐसा था जो उसे अपना-सा लग रहा था।जैसे उसने इसे पहले भी