अंत भला तो सब भला।

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आज मौसम सुहावना हो रहा था। आसमान में बादल छाए हुए थे। हल्की बारिश हो रही थी। धरती पर पानी टप टप टपक रहा था। बहुत दिनों बाद बारिश हुई थी पहली बारिश के बाद मिट्टी की सोंधी सोंधी खुशबू आ रही थी। शालू बारिश को देखते हुए कुछ गुन गुना रही थी। पीछे से उसके पति राहुल ने उसे एक कप कॉफी पकड़ाई और पास ही सोफे पर बैठते हुए बोला तुम्हे बारिश बहुत पसंद है ना। याद है एक बार क्या हुआ था वो भी बारिश का ही एक दिन था। हमारी ट्रेन का समय हो चुका था।