ऑनलाइन राखी

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रक्षाबंधन  प्रीति सुबह का काम खत्म कर, बच्चों का टिफिन पैक कर अपनी साहित्यक पत्रिका पढ़ने बैठी। तभी दरवाजे की डोरबेल बजी जैसे ही दरवाजा खोला सामने अपनी बहन अदिति को देख खुशी से उछल पड़ी। झट से उसे गले लगाया और अपने बेडरूम में ले गई।  बातों ही बातों में अदिति ने अपनी बड़ी बहन से पूछा - "दी राखी का क्या प्रोग्राम है जाओगी, इस बार राखी पर मायके। प्रीति थोड़ा उदास हो गई। अदिति को कॉफी का कप पकड़ाकर उसे बालकनी में ले गई। बालकनी में उसने बहुत से पौधे लगाए थे। सुन्दर-सुन्दर पेंटिंग लगा रखी थी। झूले पर