Bayaan - Part 15

(342)
  • 1.7k
  • 741

Part 15 डायरी का अगला पन्ना खोलते ही मेरे मन में एक अजीब-सी घबराहट होने लगी। न जाने क्यों, अब मुझे हर नया पन्ना खोलने से पहले डर लगने लगा था। ऐसा लगता था कि इस डायरी में जो कुछ लिखा है, वह सिर्फ़ राधा रानी की कहानी नहीं है... बल्कि किसी तरह मेरे दिल को भी छू जाता है। मैं खुद को बार-बार समझाती कि यह सिर्फ़ एक कहानी है, लेकिन फिर भी न जाने क्यों इन पन्नों से खुद को अलग नहीं कर पा रही थी।"दीपावली के कुछ दिन बाद..."अब हमारी बातें रोज़ होने लगी थीं।लेकिन एक परेशानी थी।फोन