रणविजय ने अंकिता को बिस्तर पर धक्का दिया और गुस्से से उसकी ओर बढ़ा। उसने उसका जबड़ा कसकर पकड़ लिया और दबी आवाज़ में बोला, "तुम्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।" उसी समय उसके फोन की घंटी बज उठी। स्क्रीन पर उसके असिस्टेंट का नाम चमक रहा था। उसने झुंझलाकर अंकिता को छोड़ दिया, कॉल रिसीव की और बिना कुछ कहे कमरे से बाहर निकल गया। जाते-जाते उसने एक ठंडी, कठोर नज़र अंकिता पर डाली। अंकिता वहीं फर्श पर बैठ गई। उसके हाथ काँप रहे थे, आँखों से आँसू लगातार बह रहे थे। रोते-रोते कब उसकी आँख लग गई,