तुम मेरी आखिरी सांस हो - 40

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एपिसोड 40: समाधि का द्वार और अंधेरे का विस्तार---शहर की बेचैनीसमाधि के द्वार से लौटने के बाद भी रोहन को चैन नहीं मिला। शहर में शांति लौटती दिख रही थी, लेकिन रात के समय ठंडी हवाएँ और रहस्यमयी आवाज़ें अब भी गूँज रही थीं। लोग कहते थे कि उन्हें कोई अदृश्य शक्ति देख रही है। बच्चों के सपनों में अजीब आकृतियाँ आने लगीं।  रोहन जानता था कि यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई। अयान की परछाई ने चेतावनी दी—  “रोहन… यह अंत नहीं है। अंधेरा अपनी जड़ से फिर उठेगा। हमें समाधि के सबसे गहरे हिस्से तक जाना होगा।”  ---डायरी का रहस्यरोहन ने