-------------वो युनिवर्सिटी का थिएटर क्लब था। शशांक और चारू किसी बात पर बहस कर रहे थे। " यार..दिस इज निडिड! ", चारू अपना सर पकड बोली।" बट बहुत ड्रामेटिक हो जाएगा प्ले ! ", शशांक चिढ कर बोला।" ड्रामेटिक नही इमोशनल । "" तू पागल है। "" आई नो ! "चारू के जवाब पर शशांक चीढ कर दुसरी तरफ चला गया। चारू ने ना मे गर्दन हिला दी। आने वाले कल्चर्र प्रोग्राम मे थिएटर क्लब भी हिस्सा ले रहा था। चारू हमेशा से ही एक राइटर बनना चाहती थी। उसका इंट्रस्ट हिस्ट्री मे भी इसी कारण से था। " आई वांट देयर लव