-----------चारू हॉल मे अमर के सामने बैठी पढ रही थी। वही अमर कॉफी पीते हुए उसे घूर रहा था। चारू अमर की नजरे महसूस कर खुद मे सिकुड़ती जा रही थी। उसने किताब के पीछे से अमर के देखा और आंखे गोल घुमा दी।" ये मुझे ऐसे क्यो देख रहे है जैसे मै इनकी बेटी भगा के ले गई हूं। वैसे इनकी बेटी मतलब मेरी भी बेटी। तो मै अगर अपनी बेटी को ही भगा के ले जाउं तो क्या ही दिक्कत है। दोनो मां बेटी गोलगप्पे खाएंगे। लेकिन अगर बेटा हो गया तो ? क्या वो भी सर जैसे