Part 13डायरी का अगला पन्ना खोलते ही मेरे हाथ कुछ पल के लिए रुक गए। न जाने क्यों, अब इस डायरी को पढ़ते-पढ़ते मुझे ऐसा लगने लगा था कि मैं सिर्फ किसी की कहानी नहीं पढ़ रही, बल्कि उसके साथ हर पल जी रही हूँ। राधा रानी की खुशी पढ़कर मैं मुस्कुरा देती थी और उसका दर्द पढ़कर मेरी आँखें भी नम हो जाती थीं। लेकिन मुझे बिल्कुल नहीं पता था कि अगले कुछ पन्नों में उसकी जिंदगी का सबसे दर्दनाक और फिर सबसे खूबसूरत मोड़ मेरा इंतज़ार कर रहा था।"16 अक्टूबर 2025"उस दिन मैं हमेशा की तरह ट्यूशन गई