Part 12डायरी का अगला पन्ना...डायरी बंद करने का मन ही नहीं कर रहा था। हर पन्ने के साथ ऐसा लग रहा था कि मैं किसी की कहानी नहीं, बल्कि उसकी धड़कनों को पढ़ रही हूँ। पता नहीं क्यों, राधा रानी की हर छोटी-सी खुशी पढ़कर मेरे होंठों पर भी मुस्कान आ जाती थी और उसकी उदासी मेरे मन को भी भारी कर देती थी। मैंने गहरी साँस ली और अगला पन्ना पलट दिया।"15 अक्टूबर 2025 से पहले की बातें..."उस दिन के बाद जैसे एक नया सिलसिला शुरू हो गया था।आनंद का लगभग रोज़ ही अभिन्नव के घर जाना होने लगा।