Money Vs Me - Part 12

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अध्याय 1: अधूरा सपना एक आलीशान बंगला था, जिसके बाहर महंगे संगमरमर की नेम प्लेट लगी हुई थी। उस पर सुनहरे अक्षरों में लिखा था— "क्षितिज के. चौधरी" बंगले के अंदर हर तरफ शानो-शौकत बिखरी हुई थी। आधा दर्जन नौकर मेरे आगे-पीछे घूम रहे थे। कोई पानी का गिलास लिए खड़ा था, कोई ताज़ा जूस लेकर इंतजार कर रहा था। एक नौकर तो मेरे पैरों के पास चप्पल लिए खड़ा था, मानो उसे इस बात की चिंता हो कि कहीं मेरे पैर जमीन को न छू लें। मैं पूरे रौब और ठाठ के साथ बिस्तर से उठा। चप्पलों में पैर