पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 6

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कई घंटों की यात्रा के बाद...रितांश और सिद्धिदात्री आखिर उस पहाड़ी क्षेत्र के आखिरी गाँव में पहुँच गए। यह वही गाँव था...जिसके आगे बीहड़ जंगल शुरू होता था। सूरज ढलने वाला था।हवा में अजीब सी ठंडक थी। गाँव छोटा था। मिट्टी के घर।संकरी गलियाँ। और दूर पहाड़ों की काली परछाइयां। लेकिन एक बात बहुत अजीब थी। जैसे ही दोनों गाँव में दाखिल हुए...सारे लोग उन्हें देखने लगे।एक बूढ़ा आदमी चलते-चलते रुक गया। कुछ औरतों ने अपने बच्चों को पीछे कर लिया। चाय की दुकान पर बैठे लोग फुसफुसाने लगे। रितांश ने भौंहें सिकोड़ लीं।वो बोला - ये सब हमें ऐसे क्यों