40 धारावाहिक मे आपने शिबर से थोड़ा दूर बैठा गंगा माँ का निर्मल पानी की गुनगुनाहट सुन रहा था, जिसमे ऐसा लग रहा था संगीत की लय श्री गंगा धर का मधुर मय हो। गोदली हो रही थी... सूर्य जैसे गंगा जी और मंदिरो की प्रकरमा कर कोई अलग से कृपा बरसा रहा हो। ये आज का दृश्य एक दम से जाग्रत था।उसके खोज मे, मन की खोज मे लगा हुआ ढूंढ रहा था, वयकुल मन आँखे जिसमे पानी था उस महाराज शिव के प्रति.... कुछ मन से उखड़