इधर... वेदांश फोन पर बात करता हुआ आगे बढ़ रहा था वह इस वक़्त मंदिर के दूसरे कॉरिडोर में खड़ा था। यहां काफी शांति थी ज्यादातर लोग पूजा के लिए मंदिर के मेन एरिया में जा चुके थे।बस कुछ लड़कियां जो डांस प्रैक्टिस कर रही थी। उन्हें आज शाम एक प्रोग्राम अटेंड करना था इसलिए.. फिलहाल अभी पूजा शुरू होने की अनाउसमेंट नहीं हुई थी... ठंडी ठंडी हवाएं चल रही थी। इस बीच वेदांश बहुत सीरियस होकर बात कर रहा था। उसने बिल्कुल ध्यान ही नहीं दिया.. की आगे कोई है भी.. अचानक वह किसी से टकरा जाता..."आह"... एक लड़की की