श्री के आते ही सार्थक और प्रिया तो चुप हो जाते है , और श्री दोनों को ही समझा रही होती है तभी प्रिया मासूम चेहरा बनाते हुए बोलती है....प्रिया — श्री सच्ची में मैं तो बस ध्यान कैसे लगाते है सीखने आई थी याद है आपको मैंने आपको भी बोला था श्री मुझे भी सिखा दो ध्यान करना .. लेकिन आप उस समय अपनी पढ़ाई में व्यस्त थी इसलिए नहीं करा पाई आप मैने सोचा कि सार्थक जी सिखा देंगे तो ये लड़ने लगे हमसे हमने बोला कि श्री से बोल दूंगी तो बोले जाओ बोल दो किसी से