श्री: संघर्ष एवं प्रेम - पाठ 20

  • 159
  • 75

श्री— हरि जी कहा खो गए आप क्या सोच रहे है ?हरि— अरे नहीं नहीं बस कुछ काम का टेंशन था मैं आता हु एक जरूरी कॉल कर के श्री— जी ठीक है...हरि वहां से चला जाता है ... अब श्री और सार्थक साथ साथ चल रहे थे हरि के परिवार को ये बात अच्छी नहीं लग रही थी सीता जी श्री की माँ गीता जीता जी से — गीता ये श्री के साथ ये लड़का सार्थक हर वक्त अच्छा नहीं लग रहा यारगीता जी — हा पर क्या करे गुरुदेव ने साथ भेज दिया वैसे ऐसा कुछ नहीं है सार्थक बहुत अच्छा