हरि ने कहा —जानता हु श्री तुम क्यूं रो रही हो क्योंकि तुम्हे लगता है कि तुम्हे skin problem है तो कोई भी तुमसे प्यार कैसे कर सकता है ?लेकिन श्री मेरा यकीन मानो मुझे तुम्हारे शरीर से कोई फर्क नहीं पड़ता मैं तुमसे प्यार करता हु तुम्हारे शरीर से नहीं तुम्हारी आत्मा से करता हु ️। क्या तुम मुझे समझ सकती हो श्री मेरे मन की बात को स्वीकार कर सकती हो तुम 🫶श्री को तो अब कुछ समझ ही नहीं आया कि वो क्या कहे । शायद उसके मन में भी एक सुकून था हरि की बात सुनकर