एक पुराना खत

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लखनऊ के चौक मोहल्ले में राधा अपने छोटे से घर में अकेली रहती थी। पापा के जाने के बाद से घर बहुत सूना हो गया था। एक दिन राधा ने सोचा कि बहुत दिनों से अलमारी साफ नहीं की। उसने पुराने कपड़े, किताबें, और फोटो निकालने शुरू किए।अचानक एक पीली पड़ चुकी डायरी के पीछे से एक लिफाफा गिरा। लिफाफा बहुत पुराना था और उस पर लाल स्याही से लिखा था – “मेरी प्यारी राधा के लिए”। राधा ने लिफाफा उठाया। उसकी लिखावट देखकर दिल जोर से धड़कने लगा। ये उसके पापा की लिखावट थी।राधा कांपते हाथों से लिफाफा खोला।