आखिरी इंतज़ार

(498)
  • 3.6k
  • 1.1k

एक छोटी-सी गुज़ारिश...अगर आपकी ज़िंदगी में कोई ऐसा इंसान है जिससे बात बंद है, तो इस कहानी को पढ़ने से पहले उसे एक बार याद ज़रूर कर लीजिए।क्या पता आपका एक मैसेज, एक कॉल या एक "सॉरी" किसी रिश्ते को बचा ले।क्योंकि कुछ लोग नाराज़ होकर नहीं जाते,बस हम उन्हें मनाने में देर कर देते हैं...     आरव और निशा एक-दूसरे से बहुत प्यार करते  थे।दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खाई थीं।लेकिन एक छोटी-सी गलतफहमी ने सब बदल दिया।एक दिन दोनों में बहुत बड़ा झगड़ा हुआ।गुस्से में निशा ने कहा,"आज के बाद मुझे कभी कॉल मत करना।"आरव ने