हाल में सब कुछ शांत था। कार्यक्रम खत्म हो चुका था।लोग धीरे-धीरे अपनी सीटों से उठ रहे थे, बातें कर रहे थे, किताबों पर चर्चा कर रहे थे।लेकिन महक की नज़रें कुछ और ही खोज रही थीं…तभी दौड़ती हुई परी आई —“मम्मा!!! आपने कितना अच्छा बोला!”फिर पीछे से माधव भी आया,“मम्मा सबने ताली बजाई… आप स्टार हो गई हो!”महक उन दोनों को देखकर हल्के से मुस्कराई, लेकिन आँखों में जो चमक थी वो आँसूओं से भीगी हुई थी।उसने दोनों बच्चों को अपने गले से लगा लिया।जैसे इन दो मासूम दिलों के बीच खुद को छुपा लेना चाहती हो।बच्चों ने कुछ