त्रिशा... - 50

तकरीबन कुछ दो घंटे बाद घर की डोरबैल बजी जिससे त्रिशा की आंख खुली और बिस्तर से उठकर त्रिशा ने जाकर दरवाजा खोला तो अपनी सांस और राजन को बाहर खड़ा पाया।  उसने उनके लिए दरवाजा खोला और अंदर आते ही त्रिशा ने उनके लिए ए० सी चालू किया फिर दोनों को पानी दिया और रसोई में जाकर खाना गर्म करने लगी। त्रिशा ने गरम गरम खाना लाकर राजन और अपनी सांस को दिया और फिर रसोई में रोटी गरम करने चली गई। त्रिशा बार बार गरम गरम रोटी लाकर उन्हें दे रही थी और हर बार वह राजन के पास