"जो तुमने क्या है मिस आर्या इसका हर्जाना तुम्हे भुगतना पड़ेगा..." कहते हुए वह अंदर आ जाता है ।ऐसे ही ये दो दिन भी निकल जाते है। और आ ही गया वो दिन... सुबह सुबह चारों तरफ चहल पहल थी क्योंकि आज थी शिवरात्रि... "अरे यार तुम्हे और कितना टाइम लगने वाला है plz जल्दी करो न... वैसे भी आज बहुत भीड़ होगी मंदिर में.."एक लड़की जो मिरर के सामने खड़ी होकर अपने बालों का बन बना रही थी। एक कमरे के दरवाजे की तरफ देख उसने तेज आवाज में कहा... उसकी नजर बार बार उस दरवाजे पर आकर रुक रही थी।