Muhabbat Ek Sabaq - 10

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तैयार हो कर रज़ा भाई को कॉल लगाने के बाद फोन कान से लगाते हुए उसने सामने लगे आईने में अपना जायज़ा लियासही कहती हैं अम्मी मशरिक़ी लुक की बात ही कुछ और होती है ,अनस की च्वाइस वाक़ई ज़बरदस्त थी और ड्रैस उसे सूट भी बहुत कर रहा था …. वह आईना देखते हुए मुस्कुराने लगी"ओफ्फोह !!! क्या मुसीबत है कोई भी फोन रिसीव नही कर रहा है…. .. .वह पार्लर में तैयार होने आई थी और वापसी में रज़ा ने उसे पिक करना था लेकिन अब वह फोन ही नही रिसीव कर रहा था , उसने बारी बारी हसन,