अधूरी किताब – सीजन 2एपिसोड 12 : नई लेखिकापूरा पुस्तकालय एकदम शांत था।हजारों किताबें हवा में स्थिर खड़ी थीं।समय जैसे रुक गया था।अनन्या के हाथ में वह पुरानी कलम थी।वही कलम...जिससे कभी आदित्य ने अपनी किस्मत लिखी थी।और शायद...पूरी दुनिया की भी।उसके सामने अधूरी किताब खुली हुई थी।उसका आखिरी पन्ना खाली था।पूरी तरह खाली।जैसे किसी का इंतजार कर रहा हो।रक्षक की आवाज गूँजी—"अब फैसला तुम्हारा है।""जो तुम लिखोगी...""वही सत्य बन जाएगा।"अनन्या के हाथ काँप गए।"अगर मैं गलती कर दूँ तो?"रक्षक कुछ क्षण चुप रहा।फिर बोला—"तब कहानी हमेशा के लिए टूट जाएगी।"अनन्या ने सामने खड़े लोगों की ओर देखा।आर्या।अन्वी।आदित्य।तीनों उसकी तरफ