गुरूजी के मार्गदर्शन में - 1

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▪️गुरुजी के मार्गदर्शन में▪️(श्मशान साधना का महाविस्फोट)Written by H.K.Bharadwaj)_______________________________________________________________________________​अध्याय 01:- (कालरात्रि की दस्तक और गुरु की शरण) वह कोई सामान्य रात नहीं थी।         विक्रमी संवत् के अनुसार, कार्तिक मास की वह कृष्ण पक्ष की अमावस्या थी।—जो तांत्रिकों, अघोरियों और पिशाचों की सिद्ध रात्रि कही जाती है। उस रात आसमान में काले, घने बादलों ने जैसे चंद्रमा को निगल लिया था। हवा में एक अजीब सा भारीपन था, जैसे कोई अदृश्य शक्ति वातावरण की ऑक्सीजन को सोख रही हो।           बदायूं जिले के एक छोटे से गाँव आसफपुर की गलियां सुनसान थीं।             आवारा कुत्ते