Muhabbat Ek Sabaq - 8

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अदील की मंगनी की तैयारियां ज़ोरो शोरो पर थीं कौसर बेगम कभी देवरानी तो कभी नन्द के साथ शॉपिंग में बिज़ी थीं। उनका एक पैर घर में होता तो अगला बाज़ार में।घर का पहला फंकशन था इसलिये यंग जेनरेशन भी काफी एक्साइटेड थी। आज भी तीनो लेडीज़ दोपहर से बाज़ार गई हुई थीं। और ऐसे में सारी ज़िम्मेदारी शिफ़ा के उपर आ गई ,हालांकि मुलाज़िमा थी लेकिन खाना उसे खुद को ही बनाना था क्योंकि मुलाज़िमा के हाथ का खाना किसी को पसंद नही आता था अभी भी वह सबके लिये चाय बना कर लाउंज में ले आई जहां सारे कज़िन्ज़