एपिसोड 8: शह और मात का खेलअंधेरे की ताकत चाहे कितनी भी हो, सुबह की एक किरण के आगे उसे दम तोड़ना ही पड़ता है..."— समीर ख़ानशिकागो की वो रात साल की सबसे ठंडी और तनावपूर्ण रातों में से एक थी। कैदो का आलीशान बंगला रोशनी से इस तरह जगमगा रहा था मानो वहाँ कोई जश्न हो, लेकिन उस रोशनी के पीछे साज़िशों का एक गहरा और खौफनाक अंधेरा छुपा था। हर तरफ महंगे फूलों की सजावट थी, शहर के बड़े-बड़े बिज़नेस टाइकून और रसूखदार लोग निकाह की महफ़िल में शामिल होने के लिए पहुँच चुके थे। कैदो दूल्हे के