मॉडर्न साधु

ये कहानी शुरू होती हैं अस्पताल से....जहां मोहन अपने होने वाले बच्चे के लिए चिंतित हैं। ऑपरेशन रूम से आती दर्द भरी चीखों ने उसे परेशान कर दिया हैं चिंता ने उसके बच्चे पैदा होने की खुशी को छोटा कर दिया था। फिर ऑपरेशन रूम में शांति हुई और डॉक्टर ने बाहर आ कर मोहन जी को बधाई दी। ओर कहा मुबारक हो...आपको लड़का हुआ है।मोहन जल्दी से अपनी पत्नी विद्या के पास गया और उसकी आंखे अपने बच्चे को ढूंढ रही थी।....मोहन ने बच्चे को देखा और उसे स्नेह के साथ अपनी गोद में ले लिया। मन की उथल-पुथल