अजय जी गाड़ी रोकते ही जंकी जी को सँभालकर Singhania Office के अंदर ले जाते हैं।अंदर कैबिन में Vansh और Agastya दोनों बेचैनी से इंतज़ार कर रहे थे।जैसे ही उन्होंने अपनी माँ को थोड़ा लड़खड़ाते हुए अंदर आते देखा—Vansh की आँखें फैल गईं।Vansh (घबराकर):“Maa! Aap aise kyun chal rahi hain? Dad, Mom ko क्या हुआ?”अजय जी ने उन्हें कुर्सियों पर बैठने का इशारा किया और पूरी घटना धीरे-धीरे बताने लगे—कैसे ड्राइवर कार मारकर भाग गया,कैसे जंकी जी बेहोश थीं,और कैसे एक लड़की ने समय रहते उनकी मदद की।बात सुनते ही Agastya एक झटके से अपनी कुर्सी से उठ गया और