अध्याय 6: जब रिश्ते समझ से टकराते हैंज़ोया और अमन ने बहुत सोच-विचार के बाद अपने रिश्ते के बारे में परिवार को बताने का फैसला किया। दोनों जानते थे कि यह आसान नहीं होगा, लेकिन अब अपने जज़्बात छुपाना भी उनके लिए मुश्किल हो गया था। एक शाम जब सभी लोग घर पर मौजूद थे, तब अमन ने हिम्मत जुटाकर सबके सामने अपनी बात रखी।उसकी बात सुनते ही कमरे में सन्नाटा छा गया। सबसे पहले ज़ोया के अब्बू बोले, “अमन, तुम दोनों अच्छे दोस्त हो, लेकिन शादी एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है।”कुछ रिश्तेदारों को दोनों की उम्र का अंतर पसंद