“शिफ़ा बीबी, आपको छोटे साहब ने बुलाया है। वह कह रहे हैं आप किताबें ले कर लॉन में आ जाएं”,मुलाज़िमा ने आकर इत्तेला दी।“ठीक है, तुम चलो आ रही हूं मैं”,उसने जवाब दे कर उसे जाने का इशारा किया|“हैरत है वैसे, मुझे तो लगा था कि मेरे कल के डंडा मारने वाले इंसीडेंट के बाद अब वह मेरी शक्ल भी नही देखेंगे पढ़ाना तो दूर रहा या फिर अपनी इंसल्ट का बदला लेने का इरादा होगा कल की। चल भई शिफ़ा हो जा रेडी इंसल्ट करवाने के लिये अपनी”,सोचती हुई वह किताबें और पैन उठा कर एक नज़र अपने हुलिये