हीर-रांझा: द मॉडर्न थ्रिलर - 5

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एपिसोड 5: एक सच्चा मददगार और वफ़ादारी का साया"दुश्मन जब चारों तरफ मौत का जाल बिछा दे, तब खुदा किसी सच्चे दोस्त के रूप में अपनी रहमत भेज देता है..."— समीर ख़ानथाने से छूटने के बाद रहमान और हीर जब वापस अपार्टमेंट पहुँचे, तो दोनों के दिलों में एक अजीब सी हलचल थी। वे जानते थे कि कैदो इतनी आसानी से हार मानने वालों में से नहीं था। उसकी पहली चाल भले ही नाकाम हो गई थी, लेकिन उसकी बौखलाहट अब किसी बड़े तूफ़ान का संकेत दे रही थी। रहमान ने गहरी सांस लेते हुए कहा, "हीर, तुम मेरे लिए