एक प्यार की अधूरी दास्तां - 1

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एक प्यार की अधूरी कहानी / एक किराएदार ऐसा भीलेखक: मुकुल तिवारी                   (भाग संख्या - 1)मैं आज श्वेत पन्नों पर जो कुछ भी उकेर रहा हूँ, वह महज़ शब्द नहीं हैं। यह मेरा संचित दर्द है, यह मेरी एक लंबी ख़ामोशी है, और मेरे भीतर का वह कोलाहल है जिसे मैं ताउम्रो किसी और को सुना न सका।उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में बसा एक छोटा, शांत सा कस्बा था—इगलास। इसी कस्बे की तंग मगर आत्मीय गलियों के बीच विनय नाम का एक लड़का रहता था। विनय—अपने नाम की ही तरह शांत,