चंडीगढ़ की हल्की बारिश में सुखना झील के किनारे नायरा अपने कैमरे और नोटबुक के साथ खड़ी थी। वह शहर में बढ़ रहे रहस्यमय अपराधों की रिपोर्टिंग कर रही थी। उसकी नजरें झील पर पड़ीं, जहाँ अक्सर कुछ छुपा हुआ लगता था।तभी एक तेज़ कार झील के किनारे रुकी। ड्राइवर का चेहरा धुंध में छिपा हुआ था। नायरा को अजीब महसूस हुआ,कुछ तो था। कार से उतरता हुआ व्यक्ति,आरव...उसके सामने खड़ा हुआ। उसकी आंखों में रहस्य और दर्द दोनों थे।आरव नायरा से कुछ पूछना चाहता था, पर शब्द कहीं गले में अटक गए। नायरा को ख्याल आया कि यह सिर्फ