माई डियर प्रोफेसर - भाग 25

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---------------चारू जोर से चिखी, " अन्वी दीदी ! "अन्वी जो अभी तक किसी बात पर हँस रही थी उसकी नजर चारू पर जैसे ही गई ...वो खुशी सृ उच्छल पडी। चकरू भाग कर अन्वी के पास चली गई और उसके हाथ से बंदर के बच्चे की तरह लिपट गई। अन्वी चारू को गले से लगाती हुई पुछी।, " तू यहां..मेघराज मे चारू ! कैसे ? "" मै यही की युनिवरासिटि मे पढती हूं दीदी । " चारू अन्वी का चेहरा तकती हुई बोली।" क्या ! कब..से ? कैसे ? मुझे पता क्यो नही है! " अन्वी की आंखे हैरानी मे बडी