अधूरी किताब – सीजन 2एपिसोड 1 : रहस्यमयी किताबवाराणसी की रात हमेशा से रहस्यमयी मानी जाती थी। दिन में जितनी चहल-पहल रहती, रात होते ही शहर की पुरानी गलियाँ किसी अनकहे रहस्य में डूब जाती थीं।ऐसी ही एक ठंडी रात थी।घड़ी में लगभग बारह बज रहे थे।चौक इलाके की एक संकरी गली में "ज्ञानदीप पुस्तकालय" नाम की एक पुरानी किताबों की दुकान थी। दुकान इतनी पुरानी थी कि लोग कहते थे उसके अंदर रखी कुछ किताबें सौ साल से भी ज्यादा पुरानी हैं।दुकान का मालिक रघुनाथ मिश्रा सत्तर वर्ष का बूढ़ा आदमी था।उसने जिंदगी का अधिकांश समय किताबों के बीच