बारिश की हल्की बूंदें खिड़की के शीशे पर दस्तक दे रही थीं। कमरे में अंधेरा था और आर्यन अपने बिस्तर पर बैठा पुरानी चैट्स पढ़ रहा था। हर मैसेज, हर तस्वीर और हर याद उसे उसी मोड़ पर ले जा रही थी जहाँ से उसकी दुनिया बदलनी शुरू हुई थी।कभी सना उसकी ज़िंदगी का सबसे खूबसूरत हिस्सा हुआ करती थी। उसकी सुबह सना के "गुड मॉर्निंग" से शुरू होती और रात उसकी आवाज़ सुनकर खत्म होती। आर्यन को लगता था कि उसे उसकी मंज़िल मिल गई है।लेकिन कुछ लोग मंज़िल नहीं होते, सिर्फ़ सफ़र का एक छोटा-सा पड़ाव होते हैं।धीरे-धीरे