Muhabbat Ek Sabaq - 3

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हैदराबाद पहुंचे तो एयरपोर्ट पर आमना बेगम का ड्राइवर पहले से मौजूद था, जो काफी पुराना और सब को जानता भी था। आज भी आसिम साहब को देखते ही खुश हो गया।"कैसे हो शौक़त मियां ?", आसिम साहब ने लगेज बैग ड्राइवर को पकड़ाते हुए उससे हाल चाल पूछा।"बस आप सब लोगो की दुआएं है साहब जी।"ड्राइवर ने सामान गाड़ी में रखने के बाद अब उनके बैठने के लिए दरवाज़ा खोला।कार में बैठने के बाद आसिम साहब तो ड्राइवर से बातों में बिज़ी हो गए जबकि वह खिड़की से बाहर देखते हुए अनस के बारे में सोच रही थी जो आज