शुभिका के हाथ से photo नीचे गिर गई।वो बोली - न… नहीं…उसकी साँसें टूटने लगीं। वो पीछे हटती गई।वो बोली - ये झूठ है…तुम झूठ बोल रहे हो…विक्रांत उसे बस देखता रहा। उसकी आँखों में अजीब सी चमक थी।वो बोला - मैं झूठ नहीं बोलता।वो धीरे-धीरे उठा…और दीवार के पास जाकर एक पुरानी cupboard खोल दी।चर्ररर…अंदर दर्जनों files रखी थीं।सभी पर एक ही नाम लिखा था—शुभिकाशुभिका का दिल जोर से धड़कने लगा।वो बोली - ये क्या है…?विक्रांत ने एक file निकाली और उसकी तरफ बढ़ा दी।वो बोला - देख लो।काँपते हाथों से उसने file खोली।अंदर पुरानी newspaper cuttings थीं।Businessman Vikrant Sharma’s wife dies in tragic